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Articles - शैक्षिक दौरा संपन्न

फाउण्डेशन द्वारा कार्यरत समाज कार्य स्नातकोत्तर डिप्लोमा अभ्यासक्रम के चौथी बैच के लिए छात्रों का चयन किया गया| अभ्यास के अंतर्गत प्रति वर्ष भारत के विभिन्न भागों में कार्यरत महत्त्वपूर्ण सामाजिक संगठन एवं संस्थाओं का शैक्षिक दौरा आयोजित किया जाता है| वर्ष २०१७ का दूसरा शैक्षिक दौरा तमिलनाडु में आयोजित किया गया था| चेन्नई के पास कुटुम्बकम गॉंव को आदर्श गॉंव एवं गॉंधीजी द्वारा कल्पित ग्राम स्वराज्य की संकल्पना को साकार करने का कार्य वहॉं के ग्राम पंचायत के अध्यक्ष श्रीमान इलांगो द्वारा किया जा रहा है| कुटुम्बकम गॉंव पिछले १५ साल से ग्राम स्वराज के रास्ते पर चल रहा है| इससे पहले इस गॉंव में हर वो समस्या थी जो देश के किसी भी अन्य गॉंव में देखी जा सकती है| शराब का दूषण, झगड़े, छुआछूत, गंदगी आदि| लेकिन आज इस गॉंव की स्थिति अलग है, कुटुम्बकम में आज जातियों की दिवारें नष्ट हो चुकी है| कल तक नीची और ऊँची जाति के झगड़े में उलझे थे वही परिवार अब पड़ोस में रह रहे हैं| यहॉं तक कि गॉंव में आंतर-जातीय विवाह भी हुए है| सामाजिक समस्याओं की श्रृंखला आज थम चुकी है| इसका श्रेय वहॉं के सरपंच इलांगो रंगास्वामी को दिया जाता है| इलांगो एक सफल वैज्ञानिक है लेकिन १९९६ में अच्छी खासी नोकरी छोड़कर अपने गॉंव में पंचायत का चुनाव लड़े और जीत भी गए| पंचायत के कामकाज में पूरी पारदर्शिता और हर काम के बारे में खुली बैठकों में चर्चा से लोग पंचायत के कामकाज में दिलचस्पी लेने लगे| नतीजा यह हुआ कि देखते ही देखते गॉंव आदर्श स्थिति पर पहुँचने लगा| आज देश के जानेमाने आदर्श गॉंवों की श्रृंखला में कुटुम्बकम की भी अपनी पहचान है|

इस अभ्यास दौरे के दौरान इलांगो के साथ हमारे छात्रों ने संवाद किया| अपने अनुभव साझा करते हुए इलांगो ने अपने राजनीतिक कष्टों की कहानी में आए अनुभव व्यक्त किए| गॉंधी विचार के प्रखर प्रयोगशील इलांगो ने अपने गॉंव को ग्राम स्वराज की संकल्पना के आधार पर खरा उतारने की दिशा में कदम बढाया है| गॉंव में स्थानीय सामग्री द्वारा शौचालय, साबुन, दाल प्रक्रिया उद्योग, सेनेटरी नेपकीन उत्पादन, एलइडी बल्ब व रिमोट वाले सोलर पंखों जैसे करीब १० से १२ प्रकार के ग्रामोद्योग कार्यरत किए हैं| विकेंद्रित व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण मतलब कुटुम्बकम गॉंव| हमारे छात्रों के लिए यह मुलाकात गॉंधीजी की ग्राम स्वराज्य पर आधारित गॉंव की संकल्पना को समझने के लिए कारगर सिद्ध हुई|

अभ्यास यात्रा का दूसरा पड़ाव पोंडीचेरी के नजदीक स्थित साधना फॉरेस्ट में रहा| साधना फॉरेस्ट ने पारिस्थितिक पुनरुत्थान और स्थायी जीवनशैली की शुरुआत दिसम्बर २००३ से की हैं| इसके संस्थापक योरीट और अविराम रोजिन ने ऑरोविला के बाहरी इलाके में करीब ७० एकड़ नष्ट हो रही शुष्क जमीन को फिर से पुनरुज्जीवित किया है| मानव एकता की भावना का विकास, स्थायी जीवनशैली, पारिस्थितिक परिवर्तन, बंजर जमीन का पुनरुद्धार और शाकाहार जीवनशैली को बढ़ावा देना साधना फॉरेस्ट का मूल उद्देश्य है| अविराम रोजिन की कार्य-प्रणाली स्थानिक ऊर्जा और संसाधन का जीवंत व योग्य प्रयोग, स्वदेशी उष्णकटिबंधी सूखे सदाबहार वन के निर्माण पर केंद्रित है| हमारी टीम साधना फॉरेस्ट में करीब दो दिन ठहरी थी| ये दो दिन हमारे लिए महत्त्वपूर्ण नजरिया प्राप्त करने के साधन बने| साधना फॉरेस्ट की जीवन पद्धति पर्यावरण पूरक है, इसलिए वहॉं पर रहने वाले सभी लोग पर्यावरण पूरक तत्त्वों से बनी झोपडीयों में रहते हैं| वहॉं की दिनचर्या में श्रम को प्राधान्य दिया गया है, सुबह सामूहिक श्रम पर आधारित गतिविधियां रहती हैं| अविराम रोजिन एवं उनकी टीम का वृक्ष के प्रति देखने का नजरिया बेहद संवेदनशील है, वे लोग पौधे लगाने की कला में एक आनंद की अनुभूति करवाते हैं| यह दो दिनों तक हमारी टीम के सदस्य भी जंगल के बीच स्थित झोपड़ीयों में रहे| पर्यावरण के प्रति संवेदना, समूह भावना एवं श्रम आधारित जीवनशैली को हमने नजदीक से महसूस किया| इतना तो निश्चित रूप से कह सकते हैं कि साधना फॉरेस्ट एक उत्कृष्ट जीवन पद्धति का निर्माण कर रहा है| मिश्र संस्कृति के द्वारा निर्मित विश्व का दर्शन हमनें यहीं पर किया|

अगर अविराम और उनकी टीम कि निष्ठा के बारे में कहना हो तो बस यही कह सकते हैं कि जंगल को बढ़ाने के लिए आपने जंगल में डेरा डाला है|

इस यात्रा का तीसरा एवं अंतिम पड़ाव मदूरै स्थित टाटा धान फाउण्डेशन में रहा| यहॉं पर हमने करीब तीन दिन बिताए| टाटा धान फाउण्डेशन एक प्रमुख विकासात्मक कार्य करने वाली संस्था है, जो गरीबों के उत्थान के लिए काम कर रही है| धान फाउण्डेशन विकास आधारित नेतृत्व में अत्यधिक प्रेरित और शिक्षित युवा महिलाओं और पुरुषों को लाने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है|

धान फाउण्डेशन द्वारा लोगों को आत्मनिर्भर एवं समुदायों को सक्षम बनाने के लिए लोक संस्था आधारित निर्माण कार्य किया जा रहा है| हमारी टीम मदूरै के पास ग्रामीण भाग में बसे धान पिपल्स अकादमी परिसर में ठहरी थी| पिपल्स अकादमी के निदेशक जानकीरमन ने धान फाउण्डेशन के आरम्भ से इति तक के सफर की प्रस्तुति की| फाउण्डेशन के कार्य का जायजा लेने के लिए मदूरै के इर्दगिर्द बसे गॉंवों में मुलाकात की गई| फाउण्डेशन द्वारा ग्रामीण भागों में बसी महिलाओं को सम्मिलित कर कलजियम नाम से लोक संस्था का निर्माण किया गया है| इस लोक संस्था में ३१२ बचत गुट से करीब ४ हजार से भी अधिक महिलाएं सम्मिलित हैं| कलजियम के अध्यक्ष चिन्नपिलै अम्मा हैं, जिनका सत्कार स्त्री शक्ति पुरस्कार से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपाई ने १९९९ में किया था| चिन्नपिलै अम्मा ने न केवल महिलाओं को एकत्रित किया बल्कि बेहतरीन संगठन बनाकर महिलाओं को सशक्त बनाया| इस कलजियम संगठन के द्वारा एक अत्यधिक सुविधायुक्त अस्पताल भी चलाया जा रहा हैं|

टाटा धान फाउण्डेशन के इस प्रयास के माध्यम से महिलाएं न केवल निर्णय प्रक्रिया में सम्मिलित होने लगी है बल्कि आर्थिक आजादी की ओर कदम भी बढ़ाने लगी है| इस लोक संस्था द्वारा कई तरह कि सेवाएं प्रदान कि जाती हैं, जैसे महिला आरोग्य बीमा योजना, शौचालय आर्थिक निधि, अस्पताल में निम्न शुल्क पर उपचार आदि| इस यात्रा के दौरान वलयगम लोक संस्था एवं रैनफेड वॉटर टैंक प्रकल्प की मुलाकात भी की गई थी| बारिश कम होने पर भी कृषि के लिए आवश्यक पानी मुहैया कराने के उद्देश्य से तमिलनाडु के रामनाथपूरम जिला में वॉटर टैंक प्रकल्प की शुरूआत की गई है| न्यूनतम बारिश होने के बावजूद भी वहॉं के किसान अपनी खेती को हरा-भरा रख पाते हैं|

अंत में हमारी मुलाकात टाटा धान के निदेशक श्रीमान् वासीमलाई से हुई| टाटा धान फाउण्डेशन के उद्देश्य पर अपने विचार स्पष्ट करते हुए वासीमलाई ने कहा कि यह एक मूवमेन्ट है जो देश के सभी गॉंवों तक पहुँचनी चाहिए| महिलाओं में आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी तब कई तरह की समस्याएं अपने आप समाधान की ओर अग्रसर होंगी|

हमारे छात्रों को नया मंत्र देते हुए वासीमलाई ने कहा कि कृति आधारित हमें अपनी एक अलग पहचान खड़ी करनी चाहिए| वासीमलाई के द्वारा किए गए संक्षिप्त संवाद ने हमारे छात्रों में नई प्रेरणा की मिसाल जगाई|

इस दस दिवसीय अभ्यास यात्रा के माध्यम से छात्र नए अनुभव आधारित शिक्षा, पर्यावरण के प्रति देखने का नजरिया, गॉंधी विचार आधारित कार्य पद्धति एवं लोक संस्था के निर्माण के विभिन्न पहलू को समझ सके|

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