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Articles - ‘स्वस्थ और समृद्ध गॉंव’ पदयात्रा के द्वारा बापू को श्रद्धांजलि

३० जनवरी, २०१७ गॉंधीजी की ६९ वीं पुण्यतिथि के अवसर पर महात्मा गॉंधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए फाउण्डेशन द्वारा पदयात्रा निकाली गयी| ३० जनवरी से ९ फरवरी तक आयोजित की गई इस पदयात्रा में स्वच्छता एवं जल संरक्षण मुख्य विषय रहा| फाउण्डेशन के कार्यक्षेत्र में स्थित गॉंवों में से चयन किये हुए गॉंवों में इस पदयात्रा का आयोजन किया गया| ग्राम विस्तार में स्वच्छता के प्रति जन-जागृति एवं पानी का सतर्कता के साथ उपयोग करने का आह्वान किया गया|

पदयात्रा मार्ग में गॉंधी तीर्थ से विटनेर, वराड, सुभाषवाडी, डोमगॉंव, नागदुली, खडके तथा रवंजा को मिलाकर कुल करीब ७० किमी के दायरे में स्थित जलगॉंव जिले के गॉंवों को सम्मिलित किया गया था| हर एक गॉंव में, अगर गॉंव छोटा है तो एक दिन और अगर बड़ा है तो दो दिन का समय दिया गया| फाउण्डेशन के करीब ३५ कार्यकर्ताओं ने अपने योगदान के द्वारा पदयात्रा के उद्देश्य को पूर्ण रूप से सफल किया|

‘स्वस्थ और समृद्ध गॉंव,’ इस विषयवस्तु के अनुरूप गॉंवों में विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से दिनचर्या को सुनियोजित किया गया था|

छात्रों के साथ कार्यक्रम

जिस गॉंव में पदयात्रा पहुंचती थी उस गॉंव के विद्यालय के छात्रों को गॉंव फेरी के लिये सम्मिलित किया जाता था| स्वच्छता पर नारे लगाते हुए बच्चे स्वच्छता का संदेश गॉंव के जन-जन तक पहुंचाने में एक सशक्त माध्यम साबित हुए| फाउण्डेशन के कार्यकर्ताओं का एक समूह विद्यालय में जाकर छात्रों के साथ ‘गॉंधी शिक्षा कार्यक्रम’ का आयोजन करता था| ‘मोहन से महात्मा’ प्रदर्शनी के द्वारा महात्मा गॉंधीजी के जीवन व कार्य का परिचय दिया जाता था, तथा उस प्रदर्शनी पर आधारित एक प्रश्न प्रतियोगिता भी रखी जाती थी| छात्रों में स्वच्छता सम्बन्धित अच्छी आदतों को बढ़ावा देने के लिए फाउण्डेशन के कार्यकर्ताओं द्वारा स्वच्छता पर आधारित विशेष खेल को प्रस्तुत किया जाता था| ‘मैं स्वच्छ’, ‘मेरा घर स्वच्छ’, ‘मेरी शाला स्वच्छ’ और ‘मेरा गॉंव स्वच्छ’, इस श्रृंखला में छात्रों को स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी प्रदान की जाती थी| बच्चों में कौशल क्षमता का निर्माण करने के लिए उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रम में सम्मिलित किया जाता था|

विशेष रूप से बच्चों में दंत चिकित्सा से सम्बन्धित मार्गदर्शन प्रदान करने के लिये इन्डियन डेन्टल एसोसिएशन के द्वारा दंत-चिकित्सक सभी विद्यालयों में उपस्थित रहते थे| पदयात्रा के दौरान करीब १७०० छात्रों तक ‘दांत की सफाई कैसे रखनी चाहिये,’ इसका संदेश पहुंचाया गया| छात्रों में गॉंधी साहित्य अध्ययन की रुचि बढ़ाने के लिए विद्यालयों में गॉंधीजी से सम्बन्धित किताबों का नि:शुल्क वितरण किया गया|

महिलाओं के साथ कार्यक्रम

परिवार को स्वस्थ रखने में महिलाओं की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है, क्योंकि गंदगी का सबसे ज्यादा शिकार छोटे बच्चे ही होते हैं, जिनकी पूरी जिम्मेदारी महिलाओं पर होती है| अगर महिलाएं अपनी जीवनशैली में स्वच्छता की अच्छी आदतों का स्वीकार करती है, तो संपूर्ण परिवार स्वस्थ रहता है| इस उद्देश्य से पदयात्रा के दौरान ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने के लिए विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन किया गया| सभी गॉंवों की करीब ८५ महिलाओं ने रंगोली स्पर्धा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेकर गॉंधीजी के स्वच्छता संदेश को प्रस्तुत किया| फाउण्डेशन द्वारा पुरस्कार देकर इन सभी महिलाओं को सम्मानित किया गया| महिलाओं को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रेसर करने के लिए उनका स्वयं सहायता समूह में सम्मिलित होना आवश्यक है| इसके बारे में मोहल्ला बैठक के माध्यम से महिलाओं को विस्तृत जानकारी प्रदान की गई| फाउण्डेशन के कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीणोंें से संवाद स्थापित करने में मोहल्ला बैठक काफी कारगर सिद्ध हुई|

युवाओं के साथ कार्यक्रम

युवा शक्ति को एकत्रित कर हम नया आयाम खड़ा कर सकते हैं| इसलिये फाउण्डेशन के कार्यकर्ताओं द्वारा युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं के संगठन निर्माण की बात रखी गयी| ग्रामीण स्वच्छता में युवाओं की भूमिका के बारे में अधिकतर युवाओं से संवाद स्थापित किया गया| विशेष रूप से समाज कार्य स्नातकोत्तर अभ्यासक्रम के छात्रों का द्वितीय सत्र ग्राम निवास चालू हो गया है| पदयात्रा में सम्मिलित ज्यादातर गॉंवों में ये छात्र अपना ग्राम निवास करने वाले हैं, उस दौरान युवाओं का सहयोग निश्चित रूप से प्राप्त होगा|

नेत्र-चिकित्सा कार्यक्रम

पदयात्रा में कांताई नेत्रालय, जलगॉंव और गॉंधी रिसर्च फाउण्डेशन के संयुक्त तत्त्वावधान में नेत्र चिकित्सा शिविर तथा मोतियाबिन्द शिविर के द्वारा १० गॉंवों के करीब ४०५ वरिष्ठ नागरिकों की आँखों का निदान किया गया| उनमें से करीब ५४ वरिष्ठ लोगों को निशुल्क आपरेशन के लिये कांताई नेत्रालय में भेजा गया| इन सभी नागरिकों के साथ हमारे कार्यकर्ता संपर्क में हैं|

जन-जागृति कार्यक्रम

पदयात्रा के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छता, जल-संरक्षण, व्यसन-मुक्ति जैसे सामाजिक विषयों पर जन-जागृति फैलाने का प्रयास किया गया| फाउण्डेशन के कार्यकर्ताओं द्वारा तैयार किये गये इन नाटकों में विशेष रूप से खुले में शौचालय जाने से होनेवाले नुकसान, व्य्सन से होनेवाले नुकसान, और संगठन को बताया गया| यात्रा के दौरान इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गॉंव के छात्रों को प्रोत्साहित कर

उनके द्वारा तैयार किये गये कार्यक्रमों को भी सम्मिलित किया जाता था| सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इस कार्यक्रम से पहले, ग्रामजनों के साथ मिलकर सामुदायिक प्रार्थना आयोजित कर कार्यक्रम की शुरुआत की जाती थी|

इस पदयात्रा के दौरान राष्ट्रीय कुष्ठरोग निर्मूलन कार्यक्रम के समन्वयक रविशंकर भराड ने विशेष रूप से दो गॉंवों में कुष्ठरोग के बारे में लोगों को जानकारी प्रदान की| ग्रामजनों एवं विद्यार्थियों ने कुष्ठरोग से सम्बन्धित अनेक प्रश्‍न रविशंकर भराड से पूछे जिनका प्रत्युत्तर भराड साहब ने बखूबी दिया| इससे विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान में अभिवृद्धि की|

सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम

पदयात्रा के दौरान ज्यादातर गॉंवों में सुबह के समय सामूहिक श्रमदान का आयोजन किया गया था| श्रमदान में स्थानीय लोगों की सहभागिता प्राप्त कर श्रमदान व स्वच्छता का महत्त्व बताया जाता था| पानी के योग्य निकास की व्यवस्था से जमीन में पानी का स्तर बढ़ सकता है, इसलिये कई गॉंवों में श्रमदान के दौरान मैजिक पिट का मॉडल प्रस्तुत किया गया| इस्तेमाल किये गये पानी को प्राथमिक रूप से छान कर जिस निर्माण किये गये गड्ढे में छोड़ा जाता है, उसे मैजिक पिट कहते हैं| इससे पानी में प्रदूषण की मात्रा कम हो जाती है| डोमगॉंव में स्थानीय युवाओं के सहयोग से एक मैजिक पिट का निर्माण कार्य सफलता के साथ किया गया है|

इस पदयात्रा के दौरान घर-घर शौचालय बॉंधना, उनका इस्तेमाल करना, अपना गॉंव स्वच्छ रखना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक विषयों पर प्रकाश डाला गया|

शौचालय के इस्तेमाल का अनुरोध

फाउण्डेशन के सहकारियों ने लोगों को आह्वान किया कि वे खुले में शौच ना करें| इस विषय में सहकारियों ने सामाजिक क्रिया का प्रयोग भी कुछ गॉंवों में किया| सुबह जब लोग खुले में शौचालय के लिये जाते थे तब कार्यकर्ता और गॉंव के सरपंच लोगों से अनुरोध करते थे कि वे शौचालय का इस्तेमाल करें| अगर नहीं है तो हो सके उतनी जल्दी उनका निर्माण कार्य करवा लेंे| इस पहल के बाद ज्यादातर लोगों ने शौचालय निर्माण करने की तैयारी दिखाई|

दस दिन तक चली इस पदयात्रा में भोजन और निवास की व्यवस्था ग्रामजनों के द्वारा प्रदान की गई थी| पदयात्रा के दौरान ग्रामजनों ने यह निश्चय किया की विकासात्मक कार्य में गॉंधी रिसर्च फाउण्डेशन हमारा मार्गदर्शन करें| फाउण्डेशन की ओर से आश्वासन दिया गया कि आनेवाले समय में इन सभी गॉंवों को भी ग्राम स्वराज कार्यक्रम में सम्मिलित किया जायेगा|

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