Gandhi Research Foundation

Articles - २ अक्टूबर २०१४, विश्‍व अहिंसा दिवस पर गॉंधी रिसर्च फाउण्डेशन द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रम

२ अक्टूबर पर प्रतिवर्ष बच्चों तथा युवाओं के लिये विभिन्न प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करता है| इस वर्ष भी फाउण्डेशन ने गॉंधी विचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये| प्रस्तुत है एक रिपोर्ट| - सम्पादक

विश्‍व अहिंसा रैली

२ अक्टूबर २०१४, महात्मा गॉंधी जयन्ती को पूरे विश्‍व ने अहिंसा दिवस के रूप में मनाया| महात्मा गॉंधी के जीवन, कार्य और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से गॉंधी रिसर्च फाउण्डेशन ने इस अवसर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किये| इस क्रम में जलगॉंव महानगरपालिका से लेकर गॉंधी उद्यान तक एक भव्य अहिंसा रैली का आयोजन किया गया| रैली की शुरुआत फाउण्डेशन के अध्यक्ष न्याय. श्री चन्द्रशेखर धर्माधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर किया| रैली के गॉंधी उद्यान पहुंचने पर मुख्य समारोह का प्रारम्भ महात्मा गॉंधी के पुतले पर सूत की माला पहनाकर तथा मुख्य अतिथि के हाथ से दीप प्रज्वलित कर किया गया| अनुभूति स्कूल २ के छात्रों द्वारा भजन प्रस्तुत किया गया| तत्पश्‍चात् गॉंधी रिसर्च फाउण्डेशन के सहकारी डॉ. श्रीप्रकाश पाण्डेय तथा भुजंगराव बोबडे ने क्रमश: हिन्दी और मराठी में स्वच्छता की शपथ दिलायी|

श्रम की प्रतिष्ठा में झाड़ू का महत्त्व

मुख्य समारोह में अपना उद्बोधन देते हुये न्या. चन्द्रशेखर धर्माधिकारीजी ने कहा कि महात्मा गॉंधीजी ने सामाजिक विषमता को समाप्त करने के लिए झाडू तथा आर्थिक समता की प्रतिष्ठा के लिये अपने रचनात्मक कार्यक्रमों में चरखा को बहुत महत्त्व दिया था| उन्होंनेे देश के प्रत्येक व्यक्ति को खादी का एक वस्त्र अवश्य पहनने का आह्वान किया जिससे लगभग २ करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकता है| महात्मा गॉंधीजी के साथ-साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयन्ती पर याद किया| इस अवसर पर सर्वधर्मसमभाव संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया था| न्या. धर्माधिकारीजी के साथ मंच पर गॉंधी रिसर्च फाउण्डेशन के संस्थापक डॉ. भवरलालजी जैन, सेवादास दलुभाऊ जैन, ईसाई धर्म के प्रतिनिधि फादर अब्राहम, हिन्दू धर्म के पुरोहित प्रसाद जोगदेव, सिख धर्म के प्रतिनिधि गुरुप्रीत सिंह, इस्लाम धर्म के प्रतिनिधि याकूब खान, उत्तर महाराष्ट्र विद्यापीठ के कुलपति डॉ. के. बी. पाटील, शिक्षाधिकारी शशिकान्त हिंगोणेकर तथा एन. सी. सी. के ज्वाइन्ट कमांडिंग ऑफिसर बन्सीजी आदि उपस्थित थे|

निबन्धप्रतियोगिता

इस अवसर पर गॉंधी रिसर्च फाउण्डेशन द्वारा खानदेश के छात्र-छात्राओं के लिये आयोजित निबन्धप्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किये गये| ध्यातव्य है कि फाउण्डेशन ने सितम्बर माह में खानदेश के तीन जिलों -धुले, नन्दुरबार और जलगॉंव के विभिन्न विद्यालय/महाविद्यालयों के छात्रोंेके लियेे एक निबन्धप्रतियोगिता का आयोजन किया था| यह प्रतियोगिता जूनियर और सीनियर कालेज के छात्रों को दृष्टिगत रखते हुए दो गटों में आयोजित थी| प्रथम गट अथवा कनिष्ठ वर्ग में ६ विद्यालयोंें से कुल १४ छात्रों ने भाग लिया| कनिष्ठ वर्ग के लिये प्रतियोगिता का विषय था सर्व-धर्म-समभाव| दूसरे गट अथवा वरिष्ठ वर्ग में १४ महाविद्यालयोंें से कुल ५० छात्रों ने भाग लिया| वरिष्ठ वर्ग के प्रतिभागियों के लिये प्रतियोगिता का विषय था पर्यावरणीय शान्ति : गॉंधीजी की दृष्टि में| जूनियर कालेजों से जलगॉंव के आर. आर. विद्यालय की सुश्री यामिनी हंसराज प्रजापत को प्रथम पुरस्कार, दहिवेल के दादासाहब माणिकराव पाटील कनिष्ठ महाविद्यालय की प्रियंका बोरसे को द्वितीय पुरस्कार तथा जलगॉंव के डॉ. जी. डी. बेंडाले महिला महाविद्यालय की पुष्पा माली को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया| सीनियर कालेजों से जलगॉंव स्थित मु. जे. महाविद्यालय की सुश्री किमया राजेंद्र बोराडकर को प्रथम पुरस्कार, धुले स्थित जेड. बी. पाटील महाविद्यालय की वर्षा राजेश सोहिते को द्वितीय पुरस्कार तथा जलगॉंव के एच. जे. थीम महाविद्यालय की बेलदार फातिमा गुलबाज खान को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया| इसी विद्यालय की शेख गजलाबी महम्मद नूर को सान्त्वना पुरस्कार प्रदान किया गया| इन सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के लिये क्रमश: रु. ३०००, रु. २०००, रु. १००० की धनराशि पुरस्कार स्वरूप दी गई|

देशभक्ति पर समूह गीत गायन प्रतियोगिता

बच्चों में सांघिक भावना के विकास तथा राष्ट्र के प्रति प्रेम को जागृत करने हेतु विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा एक समूह गीत गायन स्पर्धा का आयोजन किया गया था| इस स्पर्धा में कनिष्ठ वर्ग में ओरियन स्कूल (सीबीएससी) को प्रथम, अनुभूति स्कूल नं. २ को द्वितीय तथा काशीनाथ पलोड पब्लिक स्कूल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया| वरिष्ठ वर्ग में विवेकानन्द प्रतिष्ठान द्वारा संचालित बी. जी. शानबाग विद्यालय को प्रथम, ओरियन इंग्लिश स्कूल को द्वितीय, सेंट जोसेफ स्कूल को तृतीय तथा हरिजन कन्या विद्यालय के विद्यार्थियों को सान्त्वना पुरस्कार उत्तर महाराष्ट्र विद्यापीठ के सहायक कुलसचिव श्री ज्ञानदेव नीलवर्ण के करकमलों द्वारा दिया गया|

विंडमिल चैलेंज स्पर्धा

अपारम्परिक ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा समाज में उसके प्रचार-प्रसार तथा महत्त्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से गॉंधी रिसर्च फाउण्डेशन, जैन इरिगेशन सिस्टम्स, जैन ग्रीन एनर्जी, कुतूहल फाउण्डेशन तथा संडे साइन्स स्कूल की तरफ से इस अवसर पर एक विंडमिल चैलेंज स्पर्धा का आयोजन किया गया था| इस स्पर्धा में शहर के विभिन्न स्कूलों से कुल १३०० विद्यार्थियों ने भाग लिया| विद्यार्थियों की कल्पनाशलि बुद्धि के संवर्धन तथा शोध में उनकी प्रवृत्ति के नियमन के उद्देश्य से विद्यार्थियों को डायनामो मोटार, एलईडी लाइट तथा वायर उपलब्ध कराया गया था| इनका प्रयोग कर विद्यार्थियों को पवनचक्की तैयार कर उस पर अधिक से अधिक एलईडी लाइट प्रज्वलित करने का चैलेंज दिया गया था| तीन गटों में आयोजित इस स्पर्धा के प्रथम गट (३से ५वीं कक्षा) में ४३० एल.ई.डी लगानेवाले पलोड स्कूल के लिखित उल्हास खर्चे को प्रथम पुरस्कार, सेंट जोसेफ स्कूल के स्नेहा प्रवीण बारूदवाले को द्वितीय पुरस्कार एवं पोद्दार स्कूल के गौरव विशाल चौधरी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया| दूसरे गट (६ठीं से १०वीं कक्षा) में ६५१ एल.ई.डी लगाने वाले शानबाग विद्यालय के रोहित संजय राजपूत को प्रथम, सेंट टेरेसा स्कूल के अथर्व नीलेश चौधरी को द्वितीय एवं इसी स्कूल के चिन्मय प्रवीण बारूदवाले को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया| तृतीय महाविद्यालयीन गट में ५८० एल.ई.डी लगाने वाले साइन्स मु. जे. महाविद्यालय के छात्र सौरभ उमाकान्त पाटील को प्रथम पुरस्कार, के.सी.इ. इंजीनियरिंग कालेज के अत्तार मुहम्मद जुनेद मुहम्मद हरुन को द्वितीय पुरस्कार तथा रायसोनी इंजीनियरिंग कालेज के दिलीप नन्द कुमार वाणी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया| तीनों गटों में पांचपांच छात्रों को सान्त्वना पुरस्कार भी प्रदान किये गये| इस स्पर्धा में पवनचक्की पर ६५१ एलईडी लाइट प्रज्वलित करने का नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया| इसके पूर्व औरंगाबाद केन्द्र से ४५० लाइट प्रज्वलित करने का रिकॉर्ड था|

जिला कारागृह में गॉंधी-जयन्ती समारोह

२ अक्टूबर २०१४, को मुख्य समारोह के बाद जलगांव जिला मध्यवर्ती कारागृह में कैदी बन्धुओं के लिये गॉंधी जयन्ती समारोह का आयोजन किया गया| अक्सर जेल को कैदियों के लिये यातनागृह माना जाता है| गॉंधीजी का जेल और कैदियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण था| उनका मानना था कि जेल को सजा का केन्द्र न मानकर उसे कैदियों का सुधार केन्द्र माना जाना चाहिये | तदनुरूप उनका हृदय परिवर्तन कर उन्हें सामाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से गॉंधी रिसर्च फाउण्डेशन द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया| फाउण्डेशन के सहकारीद्वय सर्वश्री सन्तोष भिन्ताडे तथा भुजंगराव बोबडे ने इस अवसर पर कैदियों के समक्ष गॉंधीजी के विचारों तथा उनके त्याग के उदाहरणों को भलीभांति रखा| कैदी बन्धु इतने भावुक हो गये कि वे अपने आंसू नहीं रोक सके| कैदी बन्धुओं ने बारबार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया|

Back to Articles


Address
Gandhi Teerth, Jain Hills, PO Box 118,
Jalgaon - 425 001 (Maharashtra), India
 
Contact Info
+91 257 2260033, 2264801;
+91 257 2261133
© Gandhi Research Foundation Site enabled by : Jain Irrigation Systems Ltd